दुष्यंत पचौरी , हाथरस
हाथरस : 1 / मई / 2026 : अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बुद्ध जयंती और श्रमिक दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करने का आह्वान किया। संगठन ने बौद्ध पंथ को सनातन धर्म का अविभाज्य अंग और गौरव बताया।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी.एन. तिवारी ने जारी बयान में बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान विष्णु के नवें अवतार के रूप में मानवता और जीव कल्याण के लिए अवतरित हुए थे। उन्होंने सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है।

रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान में नवबौद्ध संस्कृति के नाम पर एक वर्ग बौद्ध पंथ को सनातन धर्म के विरोध में प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा है, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बौद्ध पंथ सनातन धर्म का ही अभिन्न हिस्सा है और प्रत्येक सनातनी भगवान बुद्ध को विष्णु के अवतार के रूप में मान्यता देता है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष यशपाल सिंह ने श्रमिक दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए “श्रमेव जयते” का नारा दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति के बिना भारत को विश्वगुरु बनाना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि देश में श्रमिकों, विशेषकर महिला एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों की स्थिति आज भी चिंताजनक है। कई स्थानों पर श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल पाती। उन्होंने केंद्र सरकार से न्यूनतम मजदूरी 25 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की, ताकि श्रमिकों का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।

बी.एन. तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म बौद्ध पंथ की जननी है और इसके विरुद्ध बोलना उचित नहीं है। उन्होंने सभी से भगवान बुद्ध के आदर्शों पर चलने और समाज में सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
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