बिसावर में ‘काला दिवस’ मनाकर लोगों ने जताया विरोध, मथुरा में पुनः शामिल करने की मांग तेज

दुष्यंत पचौरी,  हाथरस

 

 

हाथरस : 5 / मई / 2026 :  जनपद हाथरस की 29वीं वर्षगांठ के अवसर पर सादाबाद तहसील क्षेत्र के बिसावर कस्बे में स्थानीय लोगों ने “काला दिवस” मनाकर प्रशासनिक फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 3 मई 1997 को बिसावर क्षेत्र को मथुरा जनपद से अलग कर हाथरस में शामिल किया गया था, जिसका वे लगातार विरोध करते आ रहे हैं। इसी के विरोध में लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपने आक्रोश का प्रदर्शन किया।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह निर्णय केवल भौगोलिक बदलाव नहीं था, बल्कि इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भी प्रभावित हुई है। उन्होंने बिसावर को वीर गोकुला जाट की जन्मभूमि बताते हुए इसे पुनः मथुरा जनपद में शामिल करने की मांग दोहराई।

लोगों का कहना है कि हाथरस में शामिल होने के बाद प्रशासनिक कार्यों के लिए उन्हें अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि मथुरा से उनका सीधा संपर्क और सुविधा पहले बेहतर थी। इस बदलाव से व्यापार और सामाजिक संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बिसावर को फिर से मथुरा जनपद में शामिल करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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Author: krjnews

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