गोरखपुर में कब्रिस्तान भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, लेखपाल पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

गोरखपुर : 19 / मई / 2026 :  कब्रिस्तान घूरन शाह तकिया बसंतपुर खास गोरखपुर का मामला क्या है और क्यों क्षेत्रीय लेखपाल पर एक पक्ष लग रहा भ्रष्टाचार का आरोप। आपको बताते चलें कुछ समय पहले यह मामला एक बार और जिलाधिकारी गोरखपुर के संज्ञान में आया था।

जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं करना चाहता या मामला कुछ और है कानूनी कार्रवाई न होने की वजह से विरोधियों के हौसले बुलंद हैं एक दूसरे पर कब्रिस्तान की भूमि पर कब्ज और अतिक्रमण का मामला दिनों दिन गरमाता चला जा रहा है और इसमें क्षेत्रीय लेखपाल लक्ष्मी से मेल मिला कर रहे है।

चर्चा यह भी है कि विगत कई वर्षों से एक ही क्षेत्र में जमे हुए हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार में लगे हुए यह मैं नहीं कह रहा कब्रिस्तान घूरन साथ तकिया बसंतपुर खास का एक पक्ष जो आज जिला अधिकारी को ज्ञापन देकर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा।

मोहम्मद वसीम अल्लाह सदर एवं मुशीर अहमद ने बताया कि आखिर बहुत दिनों से चल रहा है बंदोबस्ती सार्वजनिक कब्रिस्तान एवं सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर तत्कालीन तहसीलदार का आदेश जो दिनांक ,2,4,99 को निरस्त करने एवं कब्रिस्तान की भूमि पर अतिक्रमण को तत्काल हटाने तथा भूमाफियाओं के गठन जोड़ में शामिल हल्का लेखपाल राजेश कुमार का तत्काल स्थानांतरण करने का पत्रक जिलाधिकारी गोरखपुर को दिया गया आप अगर चाहे तो जिलाधिकारी को जो पत्रक दिया गया है उसको ध्यान से पढ़ कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आखिर लेखपाल इतना पहुंच वाला क्यों बना हुआ है उच्च अधिकारी इसके भ्रष्टाचार को संज्ञान में क्यों नहीं ले रहे हैं यह अभी अपने आप में एक चर्चा का विषय है।

पूरा मामला बसंतपुर खास रॉबर्ट बांध से लगे एक प्राचीन कब्रिस्तान है पत्रक में चाहे तो आप आराजी संख्या वगैरा अभिलेख वगैरा राजी नंबर खसरा खतौनी सब का विवरण दिया गया है उक्त सदर और सेक्रेटरी ने आरोप लगाया है कि कब्रिस्तान की भूमि पर गलत ढंग से इंद्रजकरता मोहम्मद साहब सिद्दीकी पुत्रगढ़ स्वर्गीय मोहम्मद अहमद सिद्दीकी सहयोग से बलपूर्वक प्राचीन कब्रिस्तान पर कब्जा किए हुए हैं उसे पर दीवार चलकर कब्रिस्तान की विशाल भूमि पर कच्ची कबरों की निशानी मिटाते हुए हजारों डंपर मिट्टी अवैध पटान का कार्य कराया गया।

आपको बताते चलें शिकायती पत्र में जो आराजी संख्या दिया गया है अभिलेखों में रामादेई वगैरह तथा खातेदार कालम में जमालुद्दीन बल्ड घूरन शाह का नाम दर्ज है। उपरोक्त लोगों ने बताया है सारा खेल लेखपाल के इशारे पर किया जा रहा है और जब तक लेखपाल क्षेत्र से हटाया नहीं जाएगा तब तक कुछ नहीं हो सकता।

खबर लिखे जाने तक शिकायतकर्ता के पक्ष से बात किया गया तो पता चला आज शाम को 5:00 बजे जिलाधिकारी महोदय ने समय दिया है और कल उच्च अधिकारी मौके पर जायजा और जांच के लिए जाएंगे। अब देखना यह है कि इस मामले में अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ क्या एक्शन जिला प्रशासन का होता है या फिर मामला डाक के तीन पात बनकर रह जाता है। क्योंकि आपको बताते चलो यह मामला मुख्यमंत्री के जिले का है और सरकार कहती है कि हमारी सरकार में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है।

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Author: krjnews

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