पीपीगंज में गैस सिलेंडर वितरण पर सवाल, कम गैस और अधिक वसूली के आरोप से उपभोक्ताओं में आक्रोश

गोरखपुर : 24/ मई / 2026 :  गोरखपुर जनपद के पीपीगंज नगर क्षेत्र के कोल्हुआ गांव में होम डिलीवरी के माध्यम से गैस सिलेंडर वितरण को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गैस कनेक्शन धारकों ने आरोप लगाया है कि गैस एजेंसियों के हाकर निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लेकर कम वजन वाले सिलेंडर उपलब्ध करा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सिलेंडरों से गैस निकालकर घरों में ही रिफिलिंग की जा रही है, जिससे प्रत्येक सिलेंडर में लगभग दो किलो गैस कम दी जा रही है।

बताया जा रहा है कि पीपीगंज स्थित आषीश इंडेन गैस सर्विस को लगभग तीन माह पूर्व गैस वितरण में अनियमितता पाए जाने के बाद प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद एजेंसी से जुड़े करीब 40 हजार गैस कनेक्शन धारकों को छह अलग-अलग गैस एजेंसियों में स्थानांतरित कर दिया गया। इनमें मनीराम इंडेन सर्विस, गायत्री इंडेन गैस सर्विस काजीपुर, जय शिव इंडेन गैस सर्विस चरगांवां, मां बामंत इंडेन गैस सर्विस बालापार, गोरखपुर इंडेन गैस सर्विस तथा कृपा इंडेन गैस सर्विस फरेन्दा महाराजगंज शामिल हैं।

वर्तमान समय में कोल्हुआ गांव में मुख्य रूप से मां बामंत इंडेन गैस सर्विस बालापार और गायत्री इंडेन गैस सर्विस काजीपुर के माध्यम से गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी की जा रही है। इसी वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

गांव के उपभोक्ता राजेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार, राजेश कुमार सिंह, दीपेश यादव और अभयनंदन समेत दर्जनों लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर बुकिंग करने के बाद डीएसी नंबर मिलने पर भी उन्हें सही तरीके से सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि हाकर घर के अंदर से गैस सिलेंडर निकालकर देते हैं और उससे पहले सिलेंडर से गैस निकाल ली जाती है। लोगों का कहना है कि प्रत्येक सिलेंडर में लगभग दो किलो गैस कम रहती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि घरेलू गैस सिलेंडर का निर्धारित मूल्य करीब 975 रुपये है, लेकिन उनसे 1000 रुपये से लेकर 1050 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। यदि कोई उपभोक्ता अतिरिक्त रुपये देने से मना करता है तो उसे गैस सिलेंडर देने में आनाकानी की जाती है और कई बार परेशान भी किया जाता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस स्थिति का गलत फायदा उठा रहे हैं। उपभोक्ताओं के अनुसार प्रतिदिन 2 से 4 सिलेंडर दुकानों या बिना डीएसी नंबर वाले लोगों को भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आरोप है कि ऐसे लोगों से प्रति सिलेंडर 2500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। वहीं सामान्य उपभोक्ताओं को नियम और प्रक्रिया का हवाला देकर गैस उपलब्ध कराने में देरी की जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के पास वैध बुकिंग और डीएसी नंबर मौजूद हैं, उन्हें गैस के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जबकि बिना प्रक्रिया वाले लोगों को आसानी से सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

गांव के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी गोरखपुर अरुण सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसी गैस एजेंसी के हाकर द्वारा इस प्रकार की अनियमितता की जा रही है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं कैम्पियरगंज के आपूर्ति निरीक्षक संजीत कुमार ने भी कहा कि गैस उपभोक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पीपीगंज क्षेत्र में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर लगातार उठ रहे सवालों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है या नहीं।

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Author: krjnews

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