ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश) : 19 / जून / 2026 : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन दुनिया में आनुवंशिक रोगों की जांच और पहचान के लिए चलाए जा रहे सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि समय पर स्क्रीनिंग, जागरूकता, आनुवंशिक परामर्श और बेहतर उपचार व्यवस्था के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

राष्ट्रपति ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल रोग के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त बनाना है। इसके लिए व्यापक स्तर पर जांच, प्रारंभिक पहचान और रोगियों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता, रोग प्रबंधन तथा प्रभावित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। यह आयोजन सिकल सेल रोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और इसके उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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