पहलवान शिवकुमार बने युवाओं की प्रेरणा, अखाड़े में गढ़ रहे खेल और संस्कार

सुनील पाठक , गोरखपुर

 

देवरिया : 20 / जून / 2026 :  बदलते दौर में जहां युवा वर्ग आधुनिक जीवनशैली की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं देवरिया जनपद के पहलवान शिवकुमार अपनी मेहनत, अनुशासन और कुश्ती के प्रति समर्पण से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। बचपन से ही कुश्ती कला के प्रति गहरी रुचि रखने वाले शिवकुमार आज न केवल स्वयं इस पारंपरिक खेल को जीवंत बनाए हुए हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी व्यायाम और पहलवानी के गुर सिखाकर उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य कर रहे हैं।

शिवकुमार का मानना है कि कुश्ती केवल एक खेल नहीं बल्कि अनुशासन, संयम और स्वस्थ जीवन का आधार है। यही कारण है कि वह प्रतिदिन नियमित रूप से युवाओं और बच्चों को अखाड़े में प्रशिक्षण देते हैं।

बचपन से ही अखाड़े की मिट्टी से जुड़ाव रखने वाले शिवकुमार ने अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कई स्थानीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और कुश्ती के क्षेत्र में सम्मान अर्जित किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवकुमार के प्रयासों से क्षेत्र के अनेक युवा नशे और गलत संगत से दूर होकर खेल गतिविधियों की ओर आकर्षित हुए हैं। उनके प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है और कई युवा विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

शिवकुमार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कुश्ती जैसी पारंपरिक खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करना और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ना है। उनका कहना है कि यदि युवाओं को सही दिशा और उचित प्रशिक्षण मिले तो वे खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवार सकते हैं।

देवरिया जनपद में पहलवान शिवकुमार का यह प्रयास न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की भी मिसाल पेश कर रहा है। उनके समर्पण और अथक मेहनत से अनेक युवाओं को नई पहचान और नई दिशा मिल रही है, जिससे वह जिले में युवाओं के आदर्श के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

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Author: krjnews

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