नई दिल्ली : 2 / जुलाई / 2026 : कोयला मंत्रालय ने कोयला क्षेत्र में कारोबार को और सुगम बनाने तथा कोयला ब्लॉक आवंटियों को अधिक वित्तीय लचीलापन देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण सुधार लागू किया है। कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 के तहत अब आवंटी निष्पादन बैंक गारंटी (Performance Bank Guarantee-PBG) के स्थान पर बीमा श्योरिटी बॉन्ड (Insurance Surety Bond-ISB) का भी उपयोग कर सकेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, संशोधित नियमों के तहत कोयला ब्लॉक आवंटियों को अपनी निष्पादन सुरक्षा संबंधी बाध्यता पूरी करने के लिए बैंक गारंटी या बीमा श्योरिटी बॉन्ड, दोनों में से किसी एक विकल्प को चुनने की स्वतंत्रता होगी। यह सुविधा मौजूदा आवंटियों पर भी लागू होगी, जिससे वे निर्धारित शर्तों के अनुसार पहले से जमा बैंक गारंटी को बीमा श्योरिटी बॉन्ड से बदल सकेंगे।

सरकार का मानना है कि इस फैसले से बैंक गारंटी से जुड़े वित्तीय दबाव में कमी आएगी और कंपनियां अपनी पूंजी का बेहतर उपयोग खदानों के विकास एवं संचालन कार्यों में कर सकेंगी। साथ ही, सरकार के हितों की सुरक्षा के लिए आवश्यक निष्पादन सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहेगी।
कोयला ब्लॉक आवंटन (संशोधन) नियम, 2026 को 22 जून 2026 को अधिसूचना जीएसआर 508(ई) के माध्यम से राजपत्र में प्रकाशित किया जा चुका है। शुरुआती चरण में यह व्यवस्था खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत आवंटित कोयला ब्लॉकों पर लागू होगी। मंत्रालय ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस प्रावधान का विस्तार कोयला खदान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत आवंटित ब्लॉकों तक भी किया जाएगा।
कोयला मंत्रालय का कहना है कि यह कदम निवेश को बढ़ावा देने, कोयला ब्लॉकों के समयबद्ध विकास को सुनिश्चित करने और देश में वाणिज्यिक कोयला खनन के लिए अधिक पारदर्शी, कुशल एवं निवेशक-अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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