नई दिल्ली : 2 / जुलाई / 2026 : केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी: विकसित भारत के लिए भारत को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हब बनाना’ विषय पर आयोजित एसोचैम के राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और देश को वैश्विक ई-मोबिलिटी हब बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ता कदम केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि हरित विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ई-मोबिलिटी को सफल बनाने के लिए हरित विकास, सुदृढ़ बुनियादी ढांचा, पारदर्शी शासन और सर्कुलर अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

भूपेंद्र यादव ने बताया कि सरकार पर्यावरणीय मंजूरियों को सरल बनाने, PARIVESH पोर्टल के माध्यम से प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और कारोबार को सुगम बनाने के लिए कई सुधार लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विस्तार के लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी निर्माण का स्थानीयकरण, महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला और बैटरी रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
उन्होंने उद्योग, सरकार और अनुसंधान संस्थानों से मिलकर नवाचार आधारित ईकोसिस्टम विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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