अमरावती : 2 / जुलाई / 2026 : केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मौजूदगी में ‘विकसित भारत जी-राम जी योजना’ का राष्ट्रीय शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर हाथ को काम, हर पेट को रोटी’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना मनरेगा से आगे बढ़कर ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में योजना के तहत 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रत्येक ग्राम पंचायत को हर वर्ष 2 करोड़ रुपये से अधिक की विकास राशि उपलब्ध हो सकेगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मजदूरों को उनके श्रम का पूरा सम्मान मिलेगा और मजदूरी के भुगतान में देरी होने पर ब्याज सहित भुगतान का कानूनी प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश को अगले नौ महीनों में 7,707 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने आंध्र प्रदेश के किसानों, विशेषकर तोता परी आम उत्पादकों के लिए राहत उपायों की घोषणा करते हुए ग्रामीण आवास और सड़क निर्माण के लिए भी केंद्र सरकार की ओर से महत्वपूर्ण मंजूरियों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि उनका लक्ष्य आंध्र प्रदेश को ‘स्वर्ण आंध्र प्रदेश’ के रूप में विकसित करना है। उन्होंने राज्य को बागवानी का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने राज्य के लिए एक स्थायी राजधानी के निर्माण पर जोर दिया।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सार्वजनिक जीवन और ग्रामीण विकास के प्रति उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका 49 वर्षों का जनसेवा का सफर किसानों और ग्रामीण भारत के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

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