नई दिल्ली/मुजफ्फरनगर : 2 / जुलाई / 2026 : भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक कारखाने में 12 श्रमिकों को कथित रूप से करीब डेढ़ वर्ष तक बंधुआ बनाकर रखने, उनके साथ मारपीट करने तथा पर्याप्त भोजन और मजदूरी दिए बिना आधी रात तक जबरन काम कराने की मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग ने मामले को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। एनएचआरसी ने मुजफ्फरनगर के जिला मजिस्ट्रेट को भी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तथा बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के अनुरूप मामले की विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही आयोग ने 8 दिसंबर, 2021 को जारी अपनी एडवाइजरी 2.0 का हवाला देते हुए संबंधित श्रमिकों का तत्काल ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने और उन्हें उपलब्ध सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
एनएचआरसी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित श्रमिकों को न्याय मिल सके।
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