यूपी कैबिनेट के 28 प्रस्तावों को मंजूरी, जलालाबाद का नाम बदलेगा; होमगार्डों को कैशलेस इलाज की सौगात

लखनऊ : 6 / जुलाई / 2026 :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 29 प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई, जबकि मदरसों से संबंधित एक प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

बैठक में शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। सरकार के अनुसार यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है और केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मिलने के बाद कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी।

कैबिनेट ने प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए नई स्टार्टअप नीति को भी हरी झंडी दी। इसके तहत उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना की जाएगी, 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया जाएगा और इन्क्यूबेटरों को वार्षिक अनुदान दिया जाएगा। साथ ही समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने का भी फैसला लिया गया।

पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री जोखिम पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दी गई। योजना के तहत विभिन्न पशुओं का बीमा कराया जाएगा, जिसमें प्रीमियम का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार वहन करेंगी। प्राकृतिक आपदा, बीमारी और दुर्घटना की स्थिति में बीमा का लाभ मिलेगा।

श्रम विभाग से जुड़े फैसलों में वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि आवंटन तथा मुरादाबाद और गोरखपुर में 100-100 बेड के अस्पताल स्थापित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।

खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बड़ी राहत देते हुए ओलंपिक, एशियाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को समूह ‘क’ और ‘ख’ के पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ किया गया।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कानपुर, फतेहपुर, गाजियाबाद और रायबरेली में नए विश्वविद्यालयों और कृषि एवं उद्यान संस्थानों की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

इसके अलावा कैबिनेट ने पुलिस वर्दी की धुलाई और सिलाई भत्ते के भुगतान की अवधि सात वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करने का निर्णय लिया। वहीं, प्रदेश के होमगार्ड जवानों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। सरकार इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 35.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

बैठक में नगर निगमों की वित्तीय व्यवस्था, लोक सेवा आयोग से जुड़े प्रावधानों और अन्य प्रशासनिक सुधारों से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।:::

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Author: krjnews

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