नई दिल्ली : 8 / जुलाई / 2026 : प्रधानमंत्री ने देशवासियों को धैर्य, साहस और अटूट संकल्प का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके लोगों का धैर्य और एकजुटता होती है। उन्होंने कहा कि यही गुण देश को हर कठिन परिस्थिति से उबारते हुए विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाते हैं।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें बताया गया है कि प्रलय जैसी विकट परिस्थितियों में पर्वत भी हिल सकते हैं, लेकिन दृढ़ निश्चयी व्यक्ति का मन कभी विचलित नहीं होता। उन्होंने कहा कि यही विचार हर नागरिक को विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास और संयम बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को देश की प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला प्रेरक संदेश माना जा रहा है।
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