सिद्धार्थनगर : 11 / जुलाई / 2026 : समावेशी शिक्षा को नई दिशा देते हुए सिद्धार्थनगर में पहली बार श्रवणबाधित बच्चों की पढ़ाई के लिए डिजिटल तकनीक का प्रयोग शुरू किया जा रहा है। अब एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में दिए गए क्यूआर कोड स्कैन कर बच्चे साइन लैंग्वेज के वीडियो के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और विषयों की समझ में सुधार होगा।
समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक (डीसी) करुणपति त्रिपाठी ने बताया कि एनसीईआरटी की 2025-26 सत्र की पुस्तकों में प्रत्येक पाठ के साथ साइन लैंग्वेज आधारित वीडियो उपलब्ध हैं। इन्हें क्यूआर कोड स्कैन कर आसानी से देखा जा सकता है। इसी व्यवस्था को जिले के सभी उन विद्यालयों में लागू किया जाएगा, जहां श्रवणबाधित विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।

उन्होंने बताया कि सभी विशेष शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित शिक्षण के दौरान क्यूआर कोड का उपयोग करें। साथ ही सामान्य विद्यालयों के शिक्षकों से भी इस तकनीक को अपनाने का आग्रह किया गया है, ताकि बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट टीवी, टैबलेट और मोबाइल फोन के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन कर साइन लैंग्वेज वीडियो दिखाए जाएंगे। स्पेशल एजुकेटर बच्चों को वीडियो की भाषा समझाएंगे, जबकि विद्यालय के शिक्षक प्रतिदिन अभ्यास कराकर उनके अधिगम को मजबूत करेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से श्रवणबाधित बच्चों की भाषाई समझ, संवाद कौशल, पाठ्यवस्तु की पकड़ और परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह पहल जिले में समावेशी शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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