धनबाद : 13 / जुलाई / 2026 : श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के क्षेत्रीय तंत्र ने धनबाद में तीन लंबे समय से लंबित औद्योगिक विवादों का सफल समाधान कर श्रमिकों और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को 55 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता सुनिश्चित की है। मंत्रालय ने इसे समय पर न्याय, सामाजिक सुरक्षा और औद्योगिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय)-I की मध्यस्थता से भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की बुर्रागढ़ कोलियरी के एक मृत कर्मचारी के आश्रित को राहत मिली। 1 जुलाई 2026 को हुए समझौते के तहत आश्रित को 60 वर्ष की आयु तक मासिक मुआवजा मिलेगा। इस समझौते का कुल मूल्य लगभग 30 लाख रुपये है, जिससे परिवार को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

वहीं, सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय)-II ने फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एफसीआईएल) के दो सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित मामले का समाधान कराया। 7 जुलाई 2026 को हुए समझौते के अनुसार कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति लाभों के विलंबित भुगतान पर 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दिया जाएगा। इस समझौते से दोनों कर्मचारियों को करीब 14 लाख रुपये की वित्तीय राहत मिलेगी।
इसके अलावा, क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) धनबाद ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के एक मृत कर्मचारी के आश्रित से जुड़े विवाद का भी निपटारा कराया। 3 जुलाई 2026 को हुए समझौते के तहत आश्रित को मासिक मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। इस समझौते का मूल्य लगभग 11 लाख रुपये है, जिससे परिवार को समय पर आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

मंत्रालय ने कहा कि इन सभी मामलों में नियोक्ताओं को श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और सेवानिवृत्ति लाभों के समय पर भुगतान की जिम्मेदारी का भी एहसास कराया गया। साथ ही भविष्य में ऐसी देरी रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन भी लिया गया।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) का तंत्र श्रम कानूनों के प्रभावी पालन, विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इन पहलों से श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर न्याय, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।
![]()
