राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वन संरक्षण में जनभागीदारी पर दिया जोर

नई दिल्ली : 17 / जुलाई / 2026 :  भारतीय वन सेवा (IFS) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति ने अधिकारियों से वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय वन सेवा के अधिकारी केवल वनों के प्रशासक नहीं, बल्कि देश की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के ह्रास जैसी वैश्विक चुनौतियों के दौर में वन संरक्षण की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने युवा अधिकारियों को वन क्षेत्र के विस्तार, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और विकास के साथ संरक्षण को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा कि वनों के आसपास रहने वाले जनजातीय समुदायों, वनवासियों, महिलाओं, किसानों और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी से संरक्षण के प्रयास अधिक प्रभावी और दीर्घकालिक बनेंगे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय वन सेवा के अधिकारी देश की विकास यात्रा को हरित, समावेशी और सतत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

वर्तमान में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून में भारतीय वन सेवा के दो बैचों के प्रशिक्षु अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2024 बैच में 111 और वर्ष 2025 बैच में 131 प्रशिक्षु अधिकारी शामिल हैं। दोनों बैचों में भूटान के दो-दो प्रशिक्षु अधिकारी भी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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Author: krjnews

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