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विश्व शेर दिवस पर भारत की बड़ी उपलब्धि, 10 साल में 368 बढ़े एशियाई शेर

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नई दिल्ली : 10 / अगस्त / 2026 :  विश्व शेर दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने देश में एशियाई शेरों के संरक्षण में मिली महत्वपूर्ण सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत वन्यजीवों और जैव-विविधता के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी प्रयास कर रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि देश में एशियाई शेरों की संख्या वर्ष 2015 में 523 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 891 हो गई। यानी एक दशक में शेरों की संख्या में 368 का इजाफा हुआ है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय वन विभाग के अधिकारियों, संरक्षण विशेषज्ञों, स्थानीय समुदायों और शेर संरक्षण से जुड़े सभी लोगों के निरंतर प्रयासों को दिया।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि एशियाई शेरों की बढ़ती संख्या भारत की वन्यजीव संरक्षण नीति और जैव-विविधता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने देश की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक शेरों की दहाड़ को कायम रखने का संकल्प दोहराया।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी विश्व शेर दिवस पर भारत की संरक्षण उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण पर्यावासों की सुरक्षा, संरक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देकर भारत ने यह साबित किया है कि विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2020 को एशियाई शेरों के दीर्घकालिक संरक्षण के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट लायन’ की घोषणा की थी। परियोजना के तहत शेरों के प्राकृतिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2020 में करीब 30 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला शेरों का क्षेत्र अब बढ़कर लगभग 35 हजार वर्ग किलोमीटर हो गया है।

प्रोजेक्ट लायन’ के तहत शेरों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। इसमें प्राकृतिक पर्यावास का सुधार, बीमारियों की निगरानी, पशु चिकित्सा सुविधाएं, वैज्ञानिक तरीके से शेरों की संख्या का आकलन, तकनीक आधारित निगरानी, जैव-विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य शेरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनके सुरक्षित और प्राकृतिक आवास को मजबूत करना भी है। भारत में एशियाई शेरों के संरक्षण की यह सफलता वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश के प्रयासों को दर्शाती है।

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Author: krjnews

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