गाजियाबाद : 24 / सितम्बर / 2026 : ग्राम कनावनी के किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर चलाया जा रहा धरना गुरुवार को लगातार 42वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिग्रहण की कार्यवाही समाप्त अथवा रद्द हो जाने के बावजूद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा भूमि से संबंधित आगे की कार्रवाई जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों के अनुसार, इसी मामले को लेकर उनके पक्ष से उच्च न्यायालय में अवमानना वाद दाखिल किया गया है। किसानों का कहना है कि मामले में उच्च न्यायालय की ओर से प्रथम दृष्टया अवमानना से संबंधित पहलू पर संज्ञान लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, एडीएम भू-अर्जन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
किसानों ने कहा कि न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी यदि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है, तो यह न्यायिक आदेशों एवं निर्धारित विधिक प्रक्रिया के अनुपालन से संबंधित गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है।
किसानों का मुख्य पक्ष यह है कि जब अधिग्रहण की कार्यवाही प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ सकती, तो राजस्व अभिलेखों में दर्ज किसानों के नाम नियमानुसार बहाल किए जाने चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में उनकी प्राथमिक मांग मुआवजे की नहीं, बल्कि राजस्व अभिलेखों में उनके नाम पुनः दर्ज किए जाने की है।
किसानों का कहना है कि भूमि संबंधी अभिलेखों में वास्तविक स्थिति को विधिसम्मत रूप से दर्ज किया जाना आवश्यक है, ताकि किसानों के अधिकार एवं हित सुरक्षित रह सकें। किसानों ने कहा कि जब तक राजस्व अभिलेखों में उनके नाम बहाल नहीं किए जाते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा तथा अपनी मांगों के समाधान के लिए वे विधिक एवं संवैधानिक माध्यमों का सहारा लेते रहेंगे।
किसानों के अनुसार, उच्च न्यायालय में अवमानना वाद दाखिल किया जाना भी इसी विधिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके माध्यम से संबंधित अधिकारियों द्वारा न्यायालय के आदेशों एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट कराने का प्रयास किया जा रहा है।
धरना स्थल पर चतर सिंह नागर, चंद नागर, मथन सिंह नागर, परवीन नागर, सतीश नागर, विनोद नागर, जयपाल नागर, कबूल सिंह नागर, लखी राम शर्मा, सुखबीर सिंह नागर, श्याम सिंह, कुलदीप सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने दोहराया कि राजस्व अभिलेखों में नाम बहाली उनकी प्रमुख मांग है और इस संबंध में विधिसम्मत समाधान होने तक उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।
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Author: krjnews
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