सुनील पाठक गोरखपुर बस्ती
गोरखपुर : 1 / अप्रैल / 2026 : प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास, उद्योग विकास तथा राजनीतिक पेंशन विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों मिलकर किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार कर सकते हैं।
मंत्री सोमवार को एनेक्सी भवन सभागार में गौआश्रय स्थलों की व्यवस्था, निराश्रित गोवंश के संरक्षण, भरण-पोषण और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पशुओं की सेवा करना हमारा धर्म है और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्यों का प्रभावी संचालन करना चाहिए। धर्मपाल सिंह ने जनप्रतिनिधियों से गौशालाओं के लिए भूसा दान करने की अपील भी की।
बैठक में गौआश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश के रखरखाव, भूसा-चारे की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोचर भूमि पर हुए अवैध कब्जों की पहचान कर उन्हें हटाया जाए, ताकि वहां हरे चारे की व्यवस्था की जा सके। इसके लिए सभी एसडीएम को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि गोवंश के स्वास्थ्य और संचारी रोगों की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने अपर निदेशक पशुपालन को सुझाव दिया कि गौशालाओं के संचालन में अच्छे प्रबंधन वाले मॉडल को शामिल किया जाए।
धर्मपाल सिंह ने नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को उन्नत नस्ल का सीमन उपलब्ध कराने और कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

बैठक में अपर निदेशक पशुपालन वेद प्रकाश ने मंडल के गौआश्रय स्थलों की स्थिति तथा निराश्रित गोवंश के संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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