उपराष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति की पुस्तक ‘टाइड्स ऑफ टाइम’ का किया विमोचन, संसद के भित्तिचित्रों को बताया भारत की सभ्यतागत यात्रा

 1 / अप्रैल / 2026 : भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने सांसद और लेखिका सुधा मूर्ति द्वारा लिखित पुस्तक Tides of Time: India’s History Through Murals in Parliament का विमोचन किया।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि संविधान सदन में बने भित्तिचित्र केवल कलाकृतियां नहीं हैं, बल्कि वे भारत की हजारों वर्षों की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाली जीवंत दृश्य कथाएं हैं।

उन्होंने कहा कि संसद भवन की दीवारों पर अंकित ये चित्र भारत के इतिहास, संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं को सहेजने का कार्य करते हैं। उपराष्ट्रपति ने पुस्तक में संसदीय भित्तिचित्रों की शाश्वत सुंदरता और उनके गहरे प्रतीकात्मक महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए सुधा मूर्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नई पीढ़ी को भारत की विरासत और संसदीय परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

उन्होंने भारत को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए कहा कि देश की लोकतांत्रिक परंपराएं निरंतर, समावेशी और गहराई से जड़ें जमाए हुए हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल आधुनिक काल की देन नहीं, बल्कि इसकी जड़ें प्राचीन सभ्यताओं और सामाजिक व्यवस्थाओं में मौजूद रही हैं।


कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “भारत हमेशा से एक रहा है और हमेशा एक रहेगा।” उनके अनुसार देश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और संसद के भित्तिचित्र उसी एकता, सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक हैं।

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Author: krjnews

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