9 / अप्रैल / 2026 : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ वीरता दिवस के अवसर पर देश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1965 में आज ही के दिन सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फाॅर्स के बहादुर जवानों ने कच्छ के रण स्थित सरदार पोस्ट पर दुश्मन के हमले का डटकर सामना करते हुए अद्वितीय साहस, पराक्रम और देशभक्ति का परिचय दिया था।
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि सरदार पोस्ट पर सीआरपीएफ जवानों द्वारा दिखाई गई वीरता भारतीय सुरक्षा बलों के गौरवशाली इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने दुश्मन की भारी संख्या के सामने झुकने से इनकार कर दिया और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा, एकता और सम्मान के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले शहीदों का त्याग सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के वीर जवानों की शौर्यगाथा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और साहस का संदेश देती रहेगी।

उल्लेखनीय है कि 9 अप्रैल 1965 को कच्छ के रण में स्थित सरदार पोस्ट पर पाकिस्तानी सेना ने हमला किया था। उस समय वहां तैनात सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फाॅर्स के जवानों ने असाधारण वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। इस संघर्ष में कई जवान शहीद हुए, लेकिन उन्होंने देश की सीमाओं और सम्मान की रक्षा में कोई कमी नहीं आने दी।
इसी ऐतिहासिक वीरता और बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 9 अप्रैल को सीआरपीएफ वीरता दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में शहीदों को नमन किया जाता है और उनके अद्वितीय योगदान को याद किया जाता है।
![]()
