गोरखपुर में मौत के बाद बच्ची को प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट करने की कोशिश, गार्डो ने पकड़ा

सुनील पाठक , गोरखपुर

 

 

गोरखपुर  : 18 / अप्रैल / 2026 :  गोरखपुर में पुलिस में 6 मरीज माफिया को गिरफ्तार किया है। इनमें सरकारी एंबुलेंस के ड्राइवर से लेकर सावनी अस्पताल के मैनेजर और प्राइवेट एंबुलेंस ड्राइवर शामिल है ।सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक के सभी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की मदद से परिजनों को बरगलाकर मरी हुई बच्ची का इलाज करने के नाम पर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती करने की तैयारी में थे और बेड मेडिकल कॉलेज के में गेट के सामने एक प्राइवेट एंबुलेंस में बैठा रहे थे तभी गार्ड ने उन्हें पकड़ लिया ।और पुलिस को सूचना दी पुलिस के मुताबिक 5 से ₹10000 हजार तक का कमीशन पाने के लिए एंट और सरकारी एंबुलेंस ड्राइवर प्राइवेट हॉस्पिटल से संपर्क कर मैरिज भेजते थे।

गुलरिहा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 14 अप्रैल को सिद्धार्थनगर जिले के गंभीर हालत में बच्ची को 108 सरकारी एंबुलेंस से बेड मेडिकल कॉलेज लाया गया था 500 नंबर बेड के मेडिकल हॉस्पिटल के पीएमटी वेद प्रकाश और चालक राहुल ने बच्ची को दिखाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों बच्ची को बाहर ले आए और परिजनों से कहा कि उसकी हालत गंभीर है और वेंटीलेटर भी खाली नहीं है।

इसलिए पहचान के निजी अस्पताल में भर्ती करने डरे समय परिजनों की सहमति मिलने पर (पीएमटी वेद प्रकाश निवासी भागलपुर थाना पीपीगंज )और( राहुल निवासी कटोरी थाना बलिया जिला बलरामपुर ) तारामंडल स्थित सनावी हॉस्पिटल के मैनेजर राहुल शर्मा को फोन किया।

शौचालय के बाहर प्राइवेट एंबुलेंस में बैठlते हुए गार्ड्स ने पकड़ा ।राहुल शर्मा ने दूरी का हवाला देकर फातिमा रोड स्थित गौरी अस्पताल से मैनेजर अंकित शुक्ला को जानकारी दी इस दौरान अस्पताल के एंबुलेंस की चालक गनेश यादव और मेडिकल गेट के पास स्थित शौचालय के बाहर बच्ची को निजी एंबुलेंस में बैठने का प्रयास किया तभी कार्यो ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी पकड़े जाने के बाद आरोपियों से बचने के लिए मेडिकल में बच्ची को दोबारा पर्ची कटवा दी ताकि कार्रवाई से बच सके।

पूछताछ में सामने आया कि राहुल शर्मा निवासी गए बेला थाना सिकरीगंज के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज है और उसकी अंकित शुक्ला निवासी पड़ी शिमला थाना कटिया गोपालगंज से मिली भगत है दोनों देवरिया संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर की कई सरकारी एंबुलेंस चालकों से 60 घटकर मरीजों को निजी स्थान में भेजते थे इसके बदले एमपीटी और चालक पांच हजार से ₹10000 कमीशन लेते थे।

इसके बाद एंबुलेंस चालक गुंजेश यादव निवासी बढ़ावा थाना रामकोला जिला कुशीनगर और अमन पांडे निवासी हो रही थाना मोहाली जिला संतकबीर नगर मरीजों को बर्ड से अस्पताल तक पहुंचाने का काम करते थे।

प्राप्त सूचना के अनुसार मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य राजकुमार जायसवाल की तहरीर पर गुलरिया पुलिस में देर रात निजी एंबुलेंस चालक व अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है जांच में सभी आरोपियों की जांच पड़ताल सामने आने पर गुरुवार सुबह के आर सीआरसी बिल्डिंग के पीछे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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Author: krjnews

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