नई दिल्ली : 24 / अप्रैल / 2026 : नरेन्द्र मोदी ने पंचायती राज दिवस के अवसर पर देशभर के जन प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके दायित्व और महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर उन्होंने एक संस्कृत सुभाषित साझा कर जन प्रतिनिधि के आदर्श स्वरूप को समझाने का प्रयास किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जन प्रतिनिधि केवल पद का नाम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। उन्होंने साझा किए गए सुभाषित के माध्यम से बताया कि एक सच्चा जन प्रतिनिधि वही है, जो जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए निष्पक्ष और ईमानदारी से कार्य करे।

उन्होंने पंचायत स्तर पर कार्य कर रहे प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास, स्वच्छता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनका योगदान देश की प्रगति का आधार है। प्रधानमंत्री ने यह भी जोर दिया कि स्थानीय स्तर पर मजबूत लोकतंत्र ही देश को सशक्त बनाता है।
पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का यह संदेश जन प्रतिनिधियों को प्रेरित करने के साथ-साथ उनके कर्तव्यों की याद दिलाने वाला रहा।
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