Home » गाजियाबाद » आलू किसानों को दो अनुदान योजनाओं का लाभ, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

आलू किसानों को दो अनुदान योजनाओं का लाभ, ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

Share This Article

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]

गाजियाबाद  : 30 / सितम्बर / 2026 :  गाजियाबाद जनपद में आलू उत्पादन करने वाले कृषकों के हित में उद्यान विभाग द्वारा दो अनुदान योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इनमें भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना तथा आलू भंडारण प्रभार अनुदान योजना शामिल हैं। पात्र आलू उत्पादक कृषक निर्धारित शर्तों एवं आवश्यक अभिलेखों के साथ विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना के अंतर्गत जनपद के पात्र आलू उत्पादक कृषकों को अधिकतम 02 हेक्टेयर आलू रोपित क्षेत्रफल के आधार पर 240 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मानक उत्पादन के अनुसार अधिकतम 200 क्विंटल आलू पर अनुदान अनुमन्य है।

इस योजना के अंतर्गत पात्र कृषक को अधिकतम 35,000 रुपये तक का अनुदान देय होगा। योजना की निर्धारित संचालन अवधि 01 जुलाई से 31 अक्टूबर तथा 01 जनवरी से 15 अप्रैल तक है। अनुदान की पात्रता एवं देयता विभाग द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों के अधीन होगी।

दूसरी योजना आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान की है। इसके अंतर्गत निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले पात्र आलू उत्पादक कृषकों को अधिकतम 02 हेक्टेयर क्षेत्रफल के आधार पर अधिकतम 200 क्विंटल आलू के भंडारण पर अधिकतम 20,000 रुपये तक का अनुदान अनुमन्य है।

इस योजना के अंतर्गत भंडारित आलू की निकासी के उपरांत ही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अनुदान देय होगा। योजना का लाभ पात्रता एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदान किया जाएगा।

दोनों योजनाएं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था के माध्यम से संचालित की जाएंगी। योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक कृषक विभागीय पोर्टल https://potato.uphorticulture.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन के लिए आधार कार्ड अथवा कृषक पहचान पत्र के माध्यम से केवाईसी, बैंक पासबुक अथवा चेकबुक की छायाप्रति, आलू रोपित क्षेत्रफल के निर्धारण हेतु अद्यतन निर्गत खसरा-खतौनी, शीतगृह द्वारा निर्गत आमद रसीद, तकपट्टी अथवा भंडारण रसीद, भंडारण प्रभार भुगतान रसीद, आलू निकासी रसीद तथा गेट पास सहित विभाग द्वारा निर्धारित अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

कृषकों को सलाह दी गई है कि आवेदन करते समय सभी आवश्यक अभिलेखों एवं विवरणों की शुद्धता सुनिश्चित करें तथा विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। अपूर्ण अथवा निर्धारित अभिलेखों के अभाव में प्रस्तुत आवेदन पर नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है।

योजनाओं से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक अभिलेख अथवा अन्य किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए कृषक किसी भी कार्यदिवस में संबंधित विभागीय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

Loading

krjnews
Author: krjnews

KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।

Leave a Comment