सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 7 / मई / 2026 : उ०प्र० माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई) का 63वां प्रदेशीय वार्षिक महाधिवेशन एवं विचार गोष्ठी स्थानीय गोकुल अतिथि भवन में प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश नायक की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद राम नारायण लाल गर्ल्स इण्टर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
महाधिवेशन में मुख्य अतिथि सहित सभी विशिष्ट अतिथियों का बैज, माला, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। “शिक्षकों के समक्ष बढ़ती चुनौतियां और समाधान” विषय पर आयोजित संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश नायक ने किया। स्वागत संबोधन महाधिवेशन के संयोजक हीरा लाल गौड़ एवं वरिष्ठ प्रदेश मंत्री राम बहाल त्रिपाठी ने दिया।
मुख्य अतिथि माता प्रसाद पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती शिक्षकों के अस्तित्व की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती योजनाओं का नाम बदलकर प्रचार-प्रसार कर रही है तथा आयोगों की संस्तुतियों को लागू नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि यदि कोठारी आयोग की संस्तुतियों को पूरी तरह लागू किया जाए तो शिक्षा और रोजगार सभी के लिए सुलभ हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी।

पूर्व प्रति कुलपति चित्त रंजन मिश्रा ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया शिक्षा और शिक्षकों की स्थिति से भलीभांति परिचित थे और उन्होंने जन शिक्षा पर विशेष बल दिया था। वहीं प्रो. S. P. त्रिपाठी ने कहा कि देश में शिक्षकों की सेवा दशा, वेतनमान और सम्मान में असमानता है, जिसे समाप्त करने के लिए शिक्षकों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा। महाधिवेशन में प्रदेश भर से आए शिक्षकों एवं पदाधिकारियों ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की समस्याओं और संगठन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की।
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