नई दिल्ली: 8 / मई / 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आगामी सोमनाथ मंदिर यात्रा को लेकर एक विशेष संपादकीय लेख लिखा है। लेख में उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से विचार व्यक्त किए हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने लेख में कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आस्था, आत्मबल और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने उल्लेख किया कि सदियों के संघर्ष और अनेक आक्रमणों के बावजूद सोमनाथ का पुनर्निर्माण भारत की अटूट सांस्कृतिक शक्ति और राष्ट्रीय चेतना को दर्शाता है।

उन्होंने लिखा कि देश की आध्यात्मिक धरोहरें नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ यात्रा को भारत की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
प्रधानमंत्री के इस संपादकीय को लेकर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संगठनों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के लेख देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों में जागरूकता और गौरव की भावना को मजबूत करते हैं।
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