जिला मुख्यालय पर उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ द्वारा एक दिवसीय ज्ञापन सौंपा

उत्तर प्रदेश : 13 / मई / 2026 :  उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के सदस्यों ने सोमवार को जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह की अगुवाई में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए ग्रांउड में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम के प्रतिनिधि को सौंपा। शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए सुषमा सिंह ने कहा कि विगत 11 वर्ष से आकांक्षी जनपद से गलत नीति के कारण शिक्षिकाओं का स्थानान्तरण इनके गृह जनपद में नहीं हो पा रहा है। इसका सर्वाधिक दुष्प्रभाव इनके परिवार पर पड़ रहा है।

शिक्षक, शिक्षिकाएं घर से दूर होने के कारण यह अपने बुजुर्ग व बीमार मां-बाप, सास-ससुर, पति व बच्चों की देखभाल नही कर पा रहे हैं। नीति आयोग व राज्य सरकार चाहे तो सर्वे कराकर देख लें कि अपने घर परिवार से दूर रहकर शिक्षिकाओं ने जिले को आकांक्षी की श्रेणी से बाहर निकाल दिया है। इसलिए अब इन्हें इनके गृह जनपद में स्थानांतरित किया जाना न्यायोचित होगा।

अंकिता सिंह ने कहा किअंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत हम कोई सुविधा नहीं चाहते बल्कि अपना अधिकार और सम्मान पाना चाहते हैं। शशिकला सिंह ने कहा सरकार नई भर्तियां करें और आकांक्षी जनपद को नए शिक्षकों से संतृप्त करें जिससे हमारे पुराने शिक्षक जो की 10 से 15 वर्ष की सेवाएं दे चुके हैं अपने जनपद में जाकर सेवाएं दे सकें।

हमारी शिक्षिका बहने घर और बाहर दोहरी जिम्मेदारियां निभाती हैं। गैर जनपद से होने के कारण अधिकांश शिक्षिका बहने एकल अभिभावक की भूमिका निभा रही हैं। अथवा परिवार की चिंता उन्हें मानसिक अस्थिरता दे रही है । ऐसे ऐसे में उनका स्वास्थ्य और कार्य स्थल पर कार्य दोनों प्रभावित होता है। यदि यह शिक्षिका मैंने अपने गृह जनपद में स्थानांतरित होकर अपना शिक्षण कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।जिला महामंत्री रश्मि जायसवाल ने कहा कि शासन की ओर से जारी ट्रांसफर नीति में कहा गया था कि दो वर्ष के भीतर विकल्प के आधार पर शिक्षकों का ट्रांसफर उनके गृह जनपद में कर दिया जाएगा।

लेकिन अभी भी हम सभी ट्रांसफर से वंचित है, इससे हमारा घर परिवार बिखर रहा है। जिला कोषाध्यक्ष शशि वंदना दुबे ने कहा कि विगत वर्ष में भारांक सिस्टम के कारण शिक्षकों का स्थानांतरण दोषपूर्ण हुआ था। इसमें बदलाव कर शिक्षकों के वरिष्ठता आधारित नियमावली बनाते हुए अंतर्जनपदीय स्थानांतरण उसी क्रम में प्रति वर्ष किया जाए।

धरने को रिचा अग्रवाल, निधि त्रिपाठी, रंजना निरंजन, अनिता आर्या, सुषमा मौर्या विभा,शाइस्ता आदि ने भी संबोधित किया। धरना में मधुरानी, बीनू शर्मा, श्रेया तिवारी, ज्योतिकांत वर्मा रश्मि गौतम प्रतीक्षा कुशवाहा कामिनी गुप्ता ममता श्रीवास्तव शिखा गुप्ता, कविता , प्रतिभा सिंह, साधना गुप्ता, वंदना रेनू सिंह प्रथम शाइस्ता शीला ज्योति रीमा पुष्प लता, पूजा त्रिपाठी, उपमा पांडे सरिता गौतम, उमा, स्नेहलता, अनीता सैनी, अंजना तिवारी, दीपशिखा, प्रिया सिंह आदि मौजूद रहे।

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Author: krjnews

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