नई दिल्ली : 16 / मई / 2026 : भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने “भारतीय अर्थव्यवस्था में ज्ञान और मूर्त संसाधनों के योगदान को मापने के लिए रूपरेखा” विषय पर शोधपत्र, सुझाव और जानकारी आमंत्रित की है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था में ज्ञान आधारित संसाधनों और पारंपरिक मूर्त संसाधनों की भूमिका का आकलन करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से ज्ञान आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही है, जहां सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार और डिजिटल सेवाओं का योगदान लगातार बढ़ रहा है। वहीं कृषि, उद्योग, निर्माण और अन्य पारंपरिक क्षेत्रों की भूमिका भी आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण बनी हुई है।
इस शोध पहल के माध्यम से सरकार अर्थव्यवस्था में अमूर्त ज्ञान संसाधनों और मूर्त परिसंपत्तियों के वास्तविक योगदान को समझने और मापने की नई रूपरेखा तैयार करना चाहती है। इससे नीति निर्माण, आर्थिक योजना और विकास रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और संबंधित संस्थानों से सुझाव और शोधपत्र आमंत्रित किए गए हैं, ताकि भारत की बदलती आर्थिक संरचना का व्यापक अध्ययन किया जा सके।
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