गोरखपुर : 22 / मई / 2026 : गोरखपुर मेंआशा वर्कर्स यूनियन ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। यूनियन की ओर से कहा गया कि 15 दिसंबर 2025 से जारी आंदोलन के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के साथ वार्ता हुई थी, जिसमें 13 सूत्रीय मांग पत्र पर चर्चा के बाद कई मांगों पर सहमति बनी थी।
ज्ञापन में बताया गया कि मांगों के क्रियान्वयन और विचार-विमर्श के लिए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था तथा 9 फरवरी 2026 को बैठक भी आयोजित हुई थी। लेकिन उसके बाद आज तक अगले चरण की कोई वार्ता नहीं बुलाई गई, जिससे आशा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।

यूनियन ने मांग की कि राज्य वित्त से मिलने वाली 1500 रुपये की धनराशि बढ़ाकर 6000 रुपये की जाए। इसके अलावा मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक अवकाश और राष्ट्रीय छुट्टियों की सुविधा दिए जाने की मांग भी उठाई गई। स्वास्थ्य बीमा योजना में अतिरिक्त 5 लाख रुपये की कैशलेस सुविधा तथा जीवन बीमा राशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किए जाने की भी मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान गोल्डन कार्ड योजना के तहत वर्ष 2018 से किए गए कार्य का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। वहीं जुलाई 2019 से दिसंबर 2021 तक प्रति संगिनी 750 रुपये की दर से घोषित 28 माह की प्रोत्साहन राशि भी लंबित है।
आशा वर्कर्स यूनियन ने सरकार से सभी लंबित भुगतान जल्द जारी करने और पूर्व में हुए समझौते को लागू करने की मांग की है।

हालांकि, ज्ञापन को लेकर सवाल भी उठे हैं, क्योंकि पत्रावली में न तो तिथि अंकित थी, न ही किसी अध्यक्ष या सचिव के हस्ताक्षर मौजूद थे। इतना ही नहीं, संबंधित जिले का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था। ऐसे में ज्ञापन को अधूरा मानते हुए संगठन की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
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