मड़वानगर की सरकारी भूमि में अनियमितता का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग

सुनील पाठक , गोरखपुर

 

बस्ती : 19 / जून / 2026 :  बस्ती  शहर से सटे मड़वानगर गांव में करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी एवं ग्राम समाज की भूमि के कथित अवैध आवंटन और कब्जे को लेकर ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। गुरुवार को समाजसेवी महेंद्र कुमार एडवोकेट के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराने तथा संबंधित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम मड़वानगर स्थित गाटा संख्या 1276 और 1277 की सरकारी भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है, को राजस्व अभिलेखों में अनियमित तरीके से दर्ज कर निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि तत्कालीन लेखपाल पर अपने पद का दुरुपयोग कर परिजनों और परिचितों को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, गाटा संख्या 1277 की भूमि का पहले पट्टा अन्य व्यक्ति के नाम किया गया और बाद में विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से उसे कुछ अन्य लोगों के नाम दर्ज करा लिया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिना वास्तविक निर्माण के भूमि को आबादी घोषित कर निजी स्वामित्व में परिवर्तित किया गया।

इसी तरह गाटा संख्या 1276 की नवीन परती भूमि के आवंटन पर भी सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि ग्राम सचिवालय और डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क के निकट स्थित है तथा वर्तमान में वहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

ज्ञापन में प्रशासन से भूमि संबंधी सभी अभिलेखों की जांच, विवादित निर्माण कार्य पर रोक, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तथा कथित रूप से अवैध आवंटनों को निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही शिकायतकर्ताओं ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।

इस दौरान महेंद्र कुमार एडवोकेट, कमलेश सचान, बुद्धि प्रकाश एडवोकेट, आर.के. आरतियन, धर्मेंद्र कुमार रतन, विनय चौधरी उर्फ दुर्गा, अजय आजाद, सरिता भारती समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। शिकायतों की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी

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Author: krjnews

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