सुनील पाठक , गोरखपुर
बस्ती : 23 / जून / 2026 : विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर की ग्राम पंचायत गोरखर में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। फर्जी हाजिरी, कम मजदूरों की मौजूदगी और किशोरों से काम कराए जाने के आरोपों के बीच ग्राम प्रधान द्वारा जारी तस्वीरों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार सिकंदरपुर पुलिया से गिधानी सरहद तक नाला खुदाई एवं सफाई कार्य के लिए तैयार मस्टर रोल में 61 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज बताई गई है। आरोप है कि निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर दर्ज संख्या की तुलना में काफी कम मजदूर मौजूद थे। साथ ही दो किशोरों के कार्य करते मिलने की बात भी सामने आई है, जिसे मनरेगा नियमों और बाल श्रम संबंधी प्रावधानों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।

विवाद बढ़ने के बाद ग्राम प्रधान पक्ष की ओर से कुछ तस्वीरें जारी कर यह दावा किया गया कि कार्यस्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर कार्य कर रहे थे। हालांकि इन तस्वीरों को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि तस्वीरें पुरानी हैं और वर्तमान स्थिति को नहीं दर्शातीं। तस्वीरों में खेतों में गेहूं कटाई के अवशेष दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार आसपास के खेत पहले ही जोते जा चुके हैं।
इसके अलावा, जारी तस्वीरों में भी मस्टर रोल में दर्ज 61 मजदूर दिखाई नहीं दे रहे हैं। तस्वीरों में लगभग 25 से 30 लोगों के ही नजर आने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि मस्टर रोल में 61 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज है तो शेष मजदूर कहां थे और उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। वहीं, नियमित निगरानी और निरीक्षण के अभाव को भी इस पूरे विवाद का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
अब निगाहें जिला और ब्लॉक प्रशासन पर टिकी हैं कि आरोपों की जांच कर तथ्य सामने लाए जाते हैं या मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक ही सीमित रह जाता है।
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