सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 24 / जून / 2026 : सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से गोरखपुर में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक (यातायात एवं सड़क सुरक्षा), उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में 20 एवं 21 जून 2026 को की गई। अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक यातायात अमित कुमार श्रीवास्तव और एआरटीओ अरुण कुमार ने किया।
दो दिवसीय इस विशेष अभियान में पीटीओ और यातायात निरीक्षक की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 1470 से अधिक वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान और सीज की कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान सबसे अधिक 416 मामले ओवरस्पीडिंग के सामने आए, जो सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माने जाते हैं। वहीं 412 वाहनों को नो-पार्किंग जोन में खड़ा करने पर चालान किया गया। हेल्मेट न पहनने वाले 351 दोपहिया चालकों पर कार्रवाई की गई, जबकि 45 वाहन चालकों को सीट बेल्ट न लगाने पर दंडित किया गया।
इसके अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने वाले 5 चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई, जो अत्यंत खतरनाक माना जाता है। शराब पीकर वाहन चलाने वाले 23 लोगों को पकड़ा गया, जिनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं 33 वाहन चालकों को रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़ा गया।

अभियान में 90 ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई जिन पर नंबर प्लेट या हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं थी। इसके साथ ही 14 अनधिकृत रूप से संचालित बसों और 10 ओवरलोड वाहनों को भी पकड़ा गया। 71 वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप न होने के कारण चालान किया गया, जो रात्रि के समय दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक यातायात अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर इस तरह के अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेल्मेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से न केवल नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी प्रभावी कमी लाई जा सकेगी।
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