सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 26 / जून / 2026 : लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गोरखपुर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और एक्शन मोड में नजर आ रहा है। लगातार दूसरे दिन भी शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने किया, जिनकी सक्रियता और सख्ती से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है।
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अधिकांश कोचिंग संस्थान अग्नि सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी कर रहे हैं। कई जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं मिली, जबकि अग्निशमन यंत्र या तो अनुपस्थित थे या उनकी स्थिति बेहद खराब पाई गई।

एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित संचालकों को फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। जिन संस्थानों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जल्द से जल्द सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इन कोचिंग संस्थानों की मनमानी चल रही थी, लेकिन अब एडीएम सिटी के सख्त रुख से उम्मीद जगी है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लगेगी।

एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि यह अभियान सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है। शहर के हर कोचिंग संस्थान की जांच की जाएगी और जो भी मानकों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज की जाएगी तथा अन्य भीड़भाड़ वाले संस्थानों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा।
कुल मिलाकर, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार की सक्रियता और सख्त कार्यशैली ने यह संदेश दे दिया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान न सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षा के नाम पर चल रहे अव्यवस्थित और अवैध कारोबार पर भी लगाम लगाने का काम करेगा।
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