सुनील पाठक गोरखपुर
अयोध्या धाम/१२ जुलाई २०२६ : प्रख्यात पर्यावरणविद् एवं मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. गोविन्द पाण्डेय को भारत सरकार ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने उन्हें ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ की सात सदस्यीय विद्वत् परिषद् (अकादमिक काउंसिल) का सदस्य नामित किया है। क्वालिटी और मानकों पर रखेंगे नजर भारत सरकार द्वारा 9 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार, यह परिषद् राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत विकसित किए जाने वाले ‘योग्यता पैक’ (Qualification Packs) की समीक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने का कार्य करेगी। प्रो. पाण्डेय इस समिति में अपनी विशेषज्ञता के माध्यम से हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के लिए गुणवत्ता मानक तय करने, नवाचार को बढ़ावा देने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समिति में उनके साथ सतारा से डॉ. सुभाष देशमुख, पुणे से डॉ. दादासाहेब जे. शेंडगे सहित ऊर्जा मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। पर्यावरण और शोध में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्रो. गोविन्द पाण्डेय का करियर शोध और शिक्षण के प्रति समर्पित रहा है। IIT रुड़की से पीएचडी प्राप्त प्रो. पाण्डेय ने पिछले 38 वर्षों तक MMMUT में सेवाएँ दी हैं। आमी नदी, राप्ती और गंगा सहित विभिन्न नदियों की जल गुणवत्ता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर उनके शोध को व्यापक सराहना मिली है। विशेष रूप से, वाहन प्रदूषण मापने के लिए उनके द्वारा विकसित ‘ई.ई.आई.’ (EEI) मॉडल को अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं जैसे ‘अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स’ और ‘रॉयल सोसाइटी’ ने प्रकाशित किया है। इसी शोध के आधार पर उन्हें भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भी आमंत्रित किया गया था।

शिक्षा नीति और प्रशासन में लंबा अनुभव प्रो. पाण्डेय की शैक्षणिक और प्रशासनिक उपलब्धियों की सूची लंबी है। वे इससे पहले राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोंडा के निदेशक रह चुके हैं और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) की कार्य परिषद सहित कई संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर दायित्व निर्वहन कर चुके हैं। इस वर्ष की शुरुआत में ही उन्हें शिक्षा मंत्रालय द्वारा NIT कालीकट की प्रशासकीय परिषद का सदस्य भी नामित किया गया था विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष प्रो. पाण्डेय के इस नामांकन पर MMMUT परिवार, शिक्षकों, छात्रों और गोरखपुर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी है। पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उनके इस चयन को गोरखपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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