‘बहू-बेटी सम्मेलन’ से महिलाओं को मिल रहा खुलकर बोलने का मंच: मुथा अशोक जैन

सुनील पाठक , गोरखपुर

 

गोरखपुर : 14 / जुलाई / 2026 :  गोरखपुर मान्यता प्राप्त समिति द्वारा आयोजित ‘प्रेस से मिलिए’ कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के वातानुकूलित सभागार में किया गया, जिसमें पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि मुथा अशोक जैन ने ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत संचालित ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ और ‘कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (CPU)’ पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि समाज में कई महिलाएं, विशेषकर नवविवाहित बहुएं, अपनी समस्याओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर पाती हैं।

18 से 20 वर्ष की आयु में विवाह के बाद जब वे नए माहौल में जाती हैं, तो कई बार सामाजिक और पारिवारिक दबाव के कारण मानसिक घुटन का सामना करना पड़ता है। कम शिक्षित महिलाओं के सामने यह चुनौती और भी अधिक होती है।

उन्होंने बताया कि इसी समस्या के समाधान के लिए गोरखपुर जोन में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ की शुरुआत की गई है। इस पहल के अंतर्गत 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को शामिल किया जाता है और विशेष रूप से इसमें पुरुषों को शामिल नहीं किया जाता, ताकि महिलाएं बिना किसी झिझक के अपनी बात रख सकें। इस मंच के माध्यम से महिलाओं को न केवल अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलता है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जाता है।

मुथा अशोक जैन ने कहा कि यह सम्मेलन महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा करने, पारिवारिक संबंधों में संवाद बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इन कार्यक्रमों में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह और साइबर अपराध जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जाती है। साथ ही महिलाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर जैसे 1090 (वूमेन पावर लाइन), 112 (पुलिस), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर हेल्पलाइन) की जानकारी दी जाती है।

उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग यूनिट (CPU) के बारे में बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास कायम करने का एक सशक्त माध्यम है। इसके अंतर्गत पुलिस अधिकारी सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और मौके पर ही समाधान निकालने का प्रयास करते हैं।

उन्होंने कहा कि CPU के माध्यम से छोटी-छोटी सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को थाने तक पहुंचने से पहले ही आपसी संवाद के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाता है। यह पहल समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत रितेश मिश्र और रामगोपाल द्विवेदी ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। जगदीश लाल श्रीवास्तव व शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बुके देकर स्वागत किया, जबकि प्रशांत श्रीवास्तव और मनव्वर रिजवी ने मोमेंटो देकर मुख्य अतिथि का सम्मान किया। वही अरविंद राय, ओंकार धर द्विवेदी और सतीश पाण्डेय द्वारा प्रशंसा पत्र देकर मुख्य अतिथि का सम्मान किया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से टीपी शाही, नवनीत त्रिपाठी, धीरेंद्र गुप्त, ओमकार द्विवेदी, पंकज श्रीवास्तव, वेद प्रकाश पाठक, उमेश पाठक, अखिलेश पांडेय, हरेंद्र द्विवेदी, घनश्याम, कंचन, जेपी गुप्त, रूपेश श्रीवास्तव, दुर्गेश यादव,गीतांजलि मौर्य, विजय मोदनवाल, अरुण मिश्र, दिनेश शुक्ल और सत्यप्रकाश सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संवाद और सहयोग के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि पुलिस विभाग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘मिशन शक्ति’ के तहत चल रही ये पहलें निश्चित रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षित समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगी

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Author: krjnews

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