सुनील पाठक , गोरखपुर
गोरखपुर : 14 / जुलाई / 2026 : पढ़ाई-लिखाई कर परिवार का सहारा बनने की उम्र में दो युवकों ने आसान कमाई का ऐसा रास्ता चुना, जिसने न सिर्फ उनकी जिंदगी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, बल्कि रिश्तेदारों और दोस्तों को भी कानूनी संकट में डाल दिया। गोरखपुर पुलिस ने फर्जी लोन ऐप के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गोरखपुर पुलिस ने फर्जी लोन देने के नाम पर देशभर के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में 22 वर्षीय मनजीत कुमार बीएससी सेकेंड ईयर का छात्र है, जबकि उसका साथी 23 वर्षीय विजय विश्वकर्मा इंटरमीडिएट और आईटीआई पास है।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनजीत सोशल मीडिया पर फर्जी लोन कंपनी का पेज और मोबाइल एप बनाकर लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देता था।
वहीं विजय विश्वकर्मा इस पूरे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी था। वह 10 प्रतिशत कमीशन लेकर लोगों के बैंक खाते खुलवाता था। हैरानी की बात यह है कि उसने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के नाम पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए, जिनमें साइबर ठगी की रकम मंगवाई जाती थी। बाद में एटीएम से नकदी निकालकर रकम का बंटवारा किया जाता था।
लगातार साइबर अपराध में इस्तेमाल होने के कारण अब इन खातों को विभिन्न एजेंसियों ने फ्रीज कर दिया है। इससे वे लोग भी मुश्किल में पड़ गए हैं, जिन्होंने कुछ पैसों के लालच या बिना पूरी जानकारी के अपने खाते उपलब्ध करा दिए थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज और नकदी बरामद की है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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