आजाद भारत में गुलामी प्रथा नहीं चलेगी – सुषमा सिंह महिला शिक्षक संघ

 

सुनील पाठक ब्यूरो प्रमुख गोरखपुर /बस्ती

सिद्धार्थ नगर संवाददाता /२६ फरवरी २०२६ : आज जनपद सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम  एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता संबंधी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले तथा राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 23 में 2017 के संशोधन द्वारा थोपी गई व्यवस्था के विरुद्ध कड़ी आपत्ति जताई गई।

ज्ञापन सौंपने वालों का मानना है कि ह फैसला RTE लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर TET अनिवार्य करने के विरुद्ध है, जो संवैधानिक सिद्धांतों एवं पूर्वव्यापी प्रभाव के सामान्य नियमों के प्रतिकूल है। कोई भी कानून और नियम परिवर्तन सामान्यतः भविष्य की तिथियां से लागू किए जाते हैं।

इससे उत्तर प्रदेश में लगभग 2 लाख तथा देशभर में 20 लाख से अधिक शिक्षकों का भविष्य संकटग्रस्त हो गया है। निरंतर मानसिक दबाव से उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही है तथा समाज में नकारात्मक भावना व्याप्त हो रही है।

ज्ञापन सौंपने के अवसर पर जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह के साथ जिला कार्यका@goralhpurरिणी, ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी तथा शशि वंदना दूबे, आरती शुक्ला बीनू शर्मा,कविता शर्मा,अनिता आर्य शिखा उपमा,शशिकला सिंह,रिचा अग्रवाल,उमा,प्रीति बाजपेई सरिता गौतम, रंजना त्रिपाठी आदि ब्लॉक अध्यक्ष अपनी पूरी कार्यकारिणी एवम सैकड़ो की संख्या में  शिक्षिका बहनों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई गई

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Author: krjnews

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