डिबाई : 14 / अप्रैल / 2026 : डिबाई में पौराणिक आस्था की धरा कर्णवास, जिसे दानवीर राजा कर्ण की नगरी के रूप में जाना जाता है, जहां वे प्रतिदिन सोने का दान किया करते थे, उसी पुण्य भूमि पर गंगा तट स्थित प्राचीन बड़े हनुमान मंदिर में मंगलवार को भक्ति भाव से ओतप्रोत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल हनुमान जी के दिव्य सिंगार से हुई। इसके पश्चात वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन-पूजन सम्पन्न कराया गया। मंदिर परिसर में 56 भोग अर्पित कर प्रसादी का वितरण किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। गंगा तट पर गूंजते भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की आस्था ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।

यह पावन आयोजन डिबाई नगर पालिका के पूर्व जूनियर इंजीनियर एवं वर्तमान में नगर निगम गाजियाबाद में सहायक अभियंता पद पर कार्यरत कुलदीप कुमार तोमर द्वारा श्रद्धा एवं सेवा भाव से कराया गया। इस अवसर पर उनका पूरा परिवार भी उपस्थित रहा और उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं की सेवा करते हुए प्रसाद वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई।
आयोजन की व्यवस्थाएं अत्यंत सुव्यवस्थित रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। अंत में आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए पवनपुत्र हनुमान जी से क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
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