खुर्जा खुर्जा : 15 / अप्रैल / 2026 : खुर्जा तहसील प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार और लेटलतीफी के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अनोखा प्रदर्शन किया। भाकियू कार्यकर्ता तहसील खुर्जा के अधिकारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाते हुए सड़कों पर झोली फैलाकर भीख मांगते नजर आए।

भाकियू युवा के प्रदेश महासचिव बब्बन चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील क्षेत्र के दाताराम चौक पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने राहगीरों और दुकानदारों से भीख मांगकर पैसा इकट्ठा किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे यह धन तहसील प्रशासन को सौंपेंगे, ताकि किसानों के रुके हुए काम पूरे कराए जा सकें।
बब्बन चौधरी ने आरोप लगाया कि तहसील के अधिकारी और कर्मचारी बिना सुविधा शुल्क लिए किसानों और मजदूरों की फाइलों पर कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि कई मामले एक साल से अधिक समय से लंबित पड़े हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि कलंदरगढ़ी में गाटा संख्या 993 और 994 पर एक तहसीलदार ने अपने सजातीय रिश्तेदार के साथ मिलकर अवैध कब्जा करवा दिया। फरवरी 2025 में आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि वहां पक्की सड़क भी बना दी गई है।

प्रदर्शन के दौरान बब्बन चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार में अधिकारी बिना पैसे के काम नहीं कर सकते, तो किसान यूनियन भीख मांगकर उनकी मांग पूरी करेगी, ताकि किसानों को न्याय मिल सके।
सड़कों पर भीख मांगते किसानों का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

उप जिलाधिकारी खुर्जा प्रतीक्षा पांडे ने बताया कि 11 तारीख को इन्होंने कुछ प्रकरण बताए थे जिनमें से 5, 6 का तुरंत समाधान कर दिया गया था। बाकी के लिए समय मांगा गया था। जिनमें से कुछ का सोमवार में निस्तारण होना था लेकिन लायन आर्डर होने के कारण उस दिन कुछ काम नहीं हो पाया। आज एक प्रधान के साथ कुछ लोगों ने मिलकर केवल यह दिखाना चाहा है कि तहसील में काम नहीं हो रहा जबकि ऐसा कुछ नहीं है काम हो रहे हैं लेकिन नियम अनुसार ही कार्य किया जाएगा , तहसील में आने वाले सभी फरियादी की शिकायत सुनी जाती है और उनका समाधान भी किया जाता है।
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