नई दिल्ली : 16 / अप्रैल / 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए नारी सशक्तिकरण के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सदैव सम्मान और उच्च स्थान दिया गया है, और यही भावना आज के आधुनिक भारत के निर्माण में भी मार्गदर्शक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में महिलाओं की भूमिका को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार, समाज और राष्ट्र सभी मजबूत होते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार महिलाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कई योजनाएं चला रही है।

उन्होंने संस्कृत सुभाषितम् के माध्यम से यह संदेश दिया कि जहां महिलाओं का सम्मान होता है, वहीं समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आएं और एक समान, सशक्त समाज के निर्माण में योगदान दें।
सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न पहल जैसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’ और ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करना है।
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