श्री रामायण विद्यापीठ में हवन-यज्ञ, बंद गुरुकुलों को फिर शुरू करने का संकल्प

दुष्यंत पचौरी , हाथरस

 

 

हाथरस/नई दिल्ली : 25 / अप्रैल / 2026 :  नई दिल्ली के लोदी रोड स्थित श्री रामायण विद्यापीठ परिसर में अखिल भारत हिन्दू महासभा  और विद्यापीठ के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। इस दौरान हवन-यज्ञ कर गौ-रक्षा, धर्म रक्षा, राष्ट्र रक्षा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने आहुति दी।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा प्रणाली के कमजोर होने से समाज आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा से दूर होता गया है। उन्होंने “गुरुकुल चलो” अभियान का आह्वान करते हुए देशभर में बंद पड़े गुरुकुलों को जनसहयोग से पुनः शुरू करने की बात कही।

हिंदू महासभा के राष्ट्रीय धर्माचार्य प्रमुख महामंडलेश्वर स्वामी मंगलानंद जी महाराज को इस अभियान का नेतृत्व सौंपा गया। उन्होंने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनः स्थापित करने और इसे व्यापक स्तर पर लागू करने की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर बताया गया कि श्री रामायण विद्यापीठ में 1984 में स्थापित गुरुकुल 1991 में बंद हो गया था। अब इसी परिसर से गुरुकुल को दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
विद्यापीठ से जुड़े पदाधिकारियों ने भी इस पहल का स्वागत किया और गुरुकुल को पुनर्जीवित करने में सहयोग का भरोसा दिया।

राष्ट्रीय प्रवक्ता B. N. Tiwari के अनुसार, गुरुकुल के पुनः आरंभ के लिए 101 साधु-संतों की उपस्थिति में भव्य वैदिक यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसकी तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

कार्यक्रम में प्रो. यशपाल सिंह, चन्द्रशेखर भट्ट, मदनलाल गुप्ता, प्रदीप कुमार, आर्यन ध्वज सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में सभी ने श्रीराम मंदिर में दर्शन भी किए।

हिंदू महासभा और श्री रामायण विद्यापीठ की यह पहल पारंपरिक गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शिक्षा को बढ़ावा मिल सकेगा।

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Author: krjnews

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