नई दिल्ली : 21 / जुलाई / 2026 : भारत में डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने डेंगू से बचाव के लिए टेट्रावैलेंट वैक्सीन क्यूडेंगा® (Qdenga®) के भारत में विपणन की अनुमति दे दी है। यह देश में डेंगू की रोकथाम के लिए मंजूरी पाने वाला पहला टीका है।
क्यूडेंगा® का निर्माण टाकेदा जीएमबीएच, जर्मनी द्वारा किया गया है और भारत में इसका आयात टाकेदा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। टीके को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और औषधि नियम, 1945 के तहत गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता के व्यापक वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद मंजूरी प्रदान की गई है।

यह जीवित, एटेन्यूएटेड टेट्रावैलेंट डेंगू वैक्सीन है, जिसे रिकॉम्बिनेंट डीएनए तकनीक के माध्यम से विकसित किया गया है। इसे 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों में डेंगू से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी निर्धारित टीकाकरण प्रक्रिया के तहत 0.5 मिलीलीटर की दो खुराक दी जाती हैं, जिनके बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है।
टीके की सुरक्षा और प्रभावकारिता का मूल्यांकन विभिन्न देशों में किए गए व्यापक वैश्विक क्लिनिकल अध्ययनों के आधार पर किया गया है। इसके अलावा, भारत में भी 4 से 60 वर्ष की आयु के प्रतिभागियों को शामिल करते हुए चरण-III का सुरक्षा और प्रतिरक्षाजनकता अध्ययन किया गया।
क्यूडेंगा® को दुनिया के 42 देशों में नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का प्रीक्वालिफिकेशन भी प्राप्त है। वैश्विक स्तर पर अब तक इसकी 2.4 करोड़ से अधिक खुराक वितरित की जा चुकी हैं।
भारत में डेंगू के पहले स्वीकृत टीके को मिली मंजूरी को सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे डेंगू की रोकथाम के लिए पहले से चलाए जा रहे मच्छर नियंत्रण, निगरानी, शुरुआती जांच और मरीजों के उपचार से जुड़े प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
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Author: krjnews
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