गाजियाबाद : 31 / अक्टूबर / 2026 : महिला अपराधों की रोकथाम और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को पुलिस आयुक्त ने पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में उच्चस्तरीय गोष्ठी आयोजित की। इसमें महिला संबंधी शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा और महिला संबंधी शिकायतों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गोष्ठी में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय/अपराध, पुलिस उपायुक्त नगर, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, सहायक पुलिस आयुक्त कविनगर, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध, प्रभारी महिला थाना, सभी महिला चौकी प्रभारी, थानों के मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी, पिंक बूथ प्रभारी तथा मुख्यालय और सर्किल स्तर पर संचालित परिवार परामर्श केंद्रों के प्रभारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने महिला अपराधों की रोकथाम, महिलाओं की सुरक्षा और महिला संबंधी शिकायतों पर पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं की ओर से मिलने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उस पर संवेदनशीलता, तत्परता तथा जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों को महिला सुरक्षा के महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए उनकी कार्यप्रणाली को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
कहा कि इन केंद्रों पर ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां महिलाएं और बालिकाएं बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएं पुलिस के सामने रख सकें। इसके साथ ही महिला संबंधी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने और शिकायतकर्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह भी जानकारी ली जाए कि उसकी समस्या का समाधान हुआ है या नहीं। इसके लिए नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त किया जाए, जिससे पुलिस की कार्रवाई की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके। बैठक में परिवार परामर्श केंद्रों की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि इन केंद्रों के माध्यम से पारिवारिक विवादों और महिलाओं से संबंधित समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान कराया जाए। पीड़ित महिलाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायता और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। सभी संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ करें।
उन्होंने सभी अधिकारियों और प्रभारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा महिला अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि पीड़ित महिलाओं को समय पर पुलिस सहायता और न्याय दिलाने के साथ-साथ समाज है में महिलाओं के प्रति सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत किया जाए।
पुलिस आयुक्त ने दोहराया कि महिला सुरक्षा पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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Author: krjnews
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