अयोध्या : 14 / अक्टूबर / 2026 : उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले की रुदौली विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामचन्द्र यादव के चुनावी हलफनामों में दी गई जानकारी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है।
खंडासा थाना क्षेत्र के ग्राम रौतावा के मूल निवासी और वर्तमान में गुजरात के सूरत में रह रहे सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यभान मिश्रा ने विधायक पर शैक्षिक योग्यता और संपत्तियों को लेकर कथित तौर पर गलत जानकारी देने का गंभीर आरोप लगाया है।

एक विशेष ऑनलाइन साक्षात्कार में मिश्रा ने दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया है कि स्थानीय प्रशासन राजनीतिक दबाव के कारण इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई करने से बच रहा है।अपनी शिकायत को विस्तार से रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सूर्यभान मिश्रा ने मुख्य रूप से विधायक की शैक्षिक योग्यता पर सवाल उठाए हैं।
उनका दावा है कि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, 2012 के विधानसभा चुनाव में विधायक रामचन्द्र यादव ने अपने शपथ पत्र में खुद को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से स्नातक ग्रेजुएट बताया था लेकिन इसके ठीक विपरीत 2017 और 2022 के चुनावों के दौरान दाखिल किए गए हलफनामों में उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता केवल 12वीं पास दर्शाई है।
मिश्रा का तर्क है कि यदि कोई व्यक्ति 2012 में स्नातक की डिग्री प्राप्त कर चुका था तो बाद के चुनावों में उसने अपनी योग्यता घटाकर क्यों बताई। इस मामले की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने अवध विश्वविद्यालय और चुनाव आयोग से आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी लेकिन उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे थर्ड पार्टी’ की व्यक्तिगत जानकारी बताकर सूचना साझा करने से इनकार कर दिया जिसके खिलाफ अब उन्होंने अपील दायर की है।
शिक्षा के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता ने विधायक की संपत्तियों और उन पर दर्ज मुकदमों को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि कथित तौर पर सत्ता के प्रभाव में कई सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही है और आपराधिक मुकदमों की सही जानकारी भी हलफनामे में छिपाई गई है।
इन मामलों की तह तक जाने के लिए उन्होंने रुदौली और मिल्कीपुर के एसडीएम कार्यालयों में भी जनसूचना अधिकार के तहत अर्जियां लगाई हैं जिनका अभी तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। अपनी आगे की रणनीति साझा करते हुए सूर्यभान मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपनी सभी शिकायतें और दस्तावेजी सबूत चुनाव आयोग व जिलाधिकारी को भेज दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा जताते हुए उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय प्रशासन से उन्हें न्याय नहीं मिलता है, तो वे इन दस्तावेजों के साथ सीधे उच्च न्यायालय का रुख करेंगे और चुनाव रद्द करने की कानूनी मांग करेंगे।
इस पूरे मामले और लगाए गए आरोपों के संबंध में विधायक रामचन्द्र यादव का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फिलहाल उनसे बात नहीं हो सकी है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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Author: krjnews
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