गाजियाबाद : 14 / अक्टूबर / 2026 : संघर्ष समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के बैनर तले जनपद गाजियाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन आज भी लगातार जारी रहा।
आंदोलन के अंतर्गत कर्मचारियों ने जिला चिकित्सालय, संजय नगर, गाजियाबाद में एकत्रित होकर अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की तथा शासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

धरना प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता प्रदर्शित करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और अब उनके समाधान के लिए ठोस, प्रभावी एवं सकारात्मक कार्रवाई आवश्यक हो गई है।
कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके बावजूद उन्हें नियमितीकरण, वेतन संबंधी समानता, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें आंदोलनरत कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, निष्ठा बोनस, स्वास्थ्य बीमा तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों से संबंधित अन्य लंबित मांगों पर उचित निर्णय लिया जाना शामिल है। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं देने वाले कार्मिकों को उनकी जिम्मेदारियों और कार्य के अनुरूप सुविधाएं तथा अधिकार मिलना आवश्यक है।
कर्मचारियों का मानना है कि सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान होने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ जनसामान्य को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगे। नियमितीकरण की मांग पर जोर कर्मचारियों ने नियमितीकरण को अपनी प्रमुख मांग बताते हुए कहा कि लंबे समय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे रहे कार्मिकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाई जानी चाहिए।
कर्मचारियों के अनुसार, सेवा की अनिश्चितता के कारण उन्हें अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शासन को उनकी सेवा संबंधी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए न्यायसंगत समाधान निकालना चाहिए। समान कार्य-समान वेतन की मांग धरने में शामिल कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।
उनका कहना है कि समान प्रकृति के कार्य और जिम्मेदारियों के निर्वहन के बावजूद वेतन एवं सुविधाओं में असमानता कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय है। कर्मचारियों ने मांग की कि वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए उचित कदम उठाए जाएं, ताकि कार्मिकों को उनके कार्य और दायित्वों के अनुरूप न्याय मिल सके।
निष्ठा बोनस और स्वास्थ्य बीमा की मांग कर्मचारियों ने निष्ठा बोनस तथा स्वास्थ्य बीमा की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्मिकों के लिए सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहायता मिल सकती है। वहीं, निष्ठा बोनस सहित अन्य लंबित सुविधाओं पर निर्णय होने से कर्मचारियों के कार्य के प्रति समर्पण और मनोबल को प्रोत्साहन मिलेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव कार्य बहिष्कार के कारण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों, टीकाकरण कार्यक्रमों तथा अन्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की स्थिति बनी हुई है।
कर्मचारियों ने इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द वार्ता एवं सकारात्मक निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए, जिससे आंदोलन का समाधान निकल सके और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सामान्य रूप से बहाल हो सके।
शासन से शीघ्र समाधान की अपील आंदोलनरत कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और चाहते हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों तक सीमित न रहे, बल्कि इस दिशा में ठोस कार्रवाई भी दिखाई दे। कर्मचारियों ने शासन एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों से अपील की कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए समयबद्ध निर्णय लिया जाए।
उनका कहना है कि सकारात्मक पहल होने से कर्मचारियों और शासन के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने दोहराया कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मानजनक वेतन, सेवा सुरक्षा और न्यायोचित मांगों की पूर्ति के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
कर्मचारियों ने एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका कार्य बहिष्कार एवं धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहेंगे तथा शासन से समाधान की अपेक्षा करते हैं।
आंदोलनरत कर्मचारियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाएंगे, जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सके और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य सेवाओं को सामान्य स्थिति में लाया जा सके।
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Author: krjnews
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