शिकारपुर : 23 / अक्टूबर / 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार की अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की नीति के बीच शिकारपुर क्षेत्र के ग्राम खंडवाया में एक असहाय विधवा महिला को अपने ही मकान से बेदखल होने का मामला सामने आया है।
पीड़िता विमलेश पत्नी स्वर्गीय रकम सिंह ने अपने देवर, देवरानी और भतीजे पर कथित रूप से फर्जी घरौनी तैयार कराकर मकान पर कब्जा करने तथा मारपीट कर घर से निकालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि शिकायतों के बावजूद उसे अब तक अपना घर वापस नहीं मिल सका है।

पीड़िता विमलेश के अनुसार, पति की मृत्यु के बाद वह अकेली जीवन व्यतीत कर रही है। आरोप है कि उसके देवर यशपाल पुत्र अवतार सिंह, देवरानी रामवीरी और भतीजे नीतेश ने कथित रूप से राजस्व विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत कर उसके हिस्से के मकान की घरौनी अपने नाम तैयार करा ली।
इसके बाद मकान पर कब्जा कर लिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि मकान में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बना शौचालय और एक कमरा भी शामिल है, जबकि उसके आने-जाने का मुख्य रास्ता तक बंद कर दिया गया है।
विमलेश का आरोप है कि 22 दिसंबर 2025 को विपक्षियों ने उसके घर में जबरन घुसकर उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता के मुताबिक, अपना मकान होने के बावजूद वह बेघर होकर भटकने को मजबूर है। मामले में ग्राम प्रधान और कुछ ग्रामीणों द्वारा लिखित गवाही एवं प्रमाण-पत्र देकर उसका पक्ष समर्थित किए जाने की बात भी कही गई है।
पीड़िता के अनुसार, मकान को लेकर यशपाल ने बुलंदशहर के सिविल जज (अवर खंड) के न्यायालय में सिविल वाद संख्या 47/2026 दायर किया था। आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने स्थगन आदेश प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन 10 फरवरी 2026 को न्यायालय ने कोई राहत या स्थगन आदेश नहीं दिया। हालांकि, न्यायालय के इस आदेश से संपत्ति के स्वामित्व अथवा कब्जे से जुड़े सभी विवादों का अंतिम निस्तारण हुआ है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
विमलेश ने बताया कि इस मामले में 22 दिसंबर 2025 को कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 490/25 दर्ज कराया गया था। इसके अलावा 13 जनवरी 2026 को तहसील दिवस में एसडीएम और जिलाधिकारी बुलंदशहर को लिखित शिकायत दी गई। पीड़िता का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद मकान से कथित अवैध कब्जा हटवाने और विवादित घरौनी की जांच कर उसे निरस्त कराने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़िता ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उसने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर मकान से संबंधित विवाद का नियमानुसार निस्तारण किया जाए, कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच कर उचित कार्रवाई हो तथा मारपीट और धोखाधड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर पीड़िता को न्याय दिलाने और विवाद के निस्तारण के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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Author: krjnews
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