Home » उत्तर प्रदेश » 1192 पेड़ों की कटाई पर एनएसयूआई का विरोध, छात्रावास मेस व्यवस्था की जांच की मांग

1192 पेड़ों की कटाई पर एनएसयूआई का विरोध, छात्रावास मेस व्यवस्था की जांच की मांग

Share This Article

[responsivevoice_button voice="Hindi Male"]

गोरखपुर : 30 / मई / 2026 :  गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आदित्य शुक्ला ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में 1192 पेड़ों की कटाई और महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।

आदित्य शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। उन्होंने पूछा कि इतने बड़े स्तर पर वृक्षों की कटाई किस नियम और प्रक्रिया के तहत की जा रही है तथा इसके लिए संबंधित विभागों से क्या अनुमति प्राप्त की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नीलामी प्रक्रिया के तहत 1192 वृक्षों के कटान की अनुमति दी गई है। शुक्ला ने मांग की कि अब तक काटे गए पेड़ों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए और शेष पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने महिला छात्रावास की मेस व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता खराब है तथा भोजन में कीड़े-मकोड़े मिलने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इससे कई छात्राओं की तबीयत प्रभावित हुई है, लेकिन प्रशासन द्वारा अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

एनएसयूआई ने मांग की है कि वृक्ष कटान प्रकरण की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए, छात्रावास मेस की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। संगठन ने कुलपति से दोनों मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की है।

आदित्य शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई छात्रहित में आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

Loading

krjnews
Author: krjnews

KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।

Leave a Comment