नई दिल्ली : 22 / जुलाई / 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए व्यक्तिगत, सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति समर्पण को श्रेष्ठ व्यक्ति की पहचान बताया। उन्होंने सुभाषित के माध्यम से बताया कि एक आदर्श व्यक्ति वह है, जो दूसरों के कार्यों को पूरी निष्ठा से पूरा करने में सहयोग करता है और अपने निजी कार्यों को भी तत्परता व कुशलता के साथ संपन्न करता है।

प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए सुभाषित में कहा गया है— “परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्। सुहृत्कार्येषु निर्वृत्ती राजकार्येषु विक्रमः।।”
इसका भावार्थ बताते हुए कहा गया कि जो व्यक्ति दूसरों के कार्यों में पूरी निष्ठा से जुटा रहता है, अपने कार्यों को शीघ्रता और कुशलता से पूरा करता है, मित्रों के कार्यों को निस्वार्थ भाव से संपन्न करता है तथा राष्ट्र के दायित्वों को निभाने में पूरी शक्ति, पराक्रम और साहस का परिचय देता है, वही वास्तविक अर्थों में श्रेष्ठ व्यक्ति कहलाता है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश में व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध तथा समर्पण की भावना को विशेष महत्व दिया गया है।
![]()
Author: krjnews
KRJ News एक विश्वसनीय हिंदी डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जिसका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, निष्पक्ष और तथ्यपरक समाचार पहुँचाना है।












