नई आवासीय योजनाओं से पहले सरकारी स्कूलों को दुरुस्त करने की मांग , राष्ट्रीय सैनिक संस्था की बैठक में शिक्षा व्यवस्था और बढ़ते प्रदूषण पर जताई चिंता
गाजियाबाद। मोडल टाउन ईस्ट स्थित राष्ट्रीय सैनिक संस्था के मुख्यालय में गुरुवार को संस्था के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गाजियाबाद की शिक्षा व्यवस्था, बढ़ते प्रदूषण और नई आवासीय योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वास्तु-वित्त इंजीनियर विनोद शर्मा, ज्योतिषाचार्य डॉ. जितेंद्र मंगल, एडवोकेट सुधीर कुमार, एडवोकेट सुनील कुमार तथा राष्ट्रीय सैनिक संस्था के अध्यक्ष कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने विचार रखे।

बैठक में वक्ताओं ने सवाल उठाया कि गाजियाबाद पहले से ही प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में हरनंदीपुरम और ऐरोस्पेस सिटी जैसी योजनाओं के तहत कृषि योग्य भूमि के बड़े पैमाने पर अधिग्रहण और नए निर्माण से शहर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है। वक्ताओं ने कहा कि नई योजनाओं पर आगे बढ़ने से पहले शहर की मौजूदा बुनियादी सुविधाओं और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
500 से अधिक सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की जरूरत
कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि गाजियाबाद में 500 से अधिक प्राथमिक और कंपोजिट सरकारी स्कूल संचालित हैं, लेकिन इनमें से कई स्कूलों में पर्याप्त कक्षाओं का अभाव है। कहीं कमरे हैं तो शिक्षकों की कमी है और कई बार शिक्षकों को जनगणना सहित अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि कई सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने मिड-डे मील व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर भी चिंता जताते हुए सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की आवश्यकता बताई।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा निवेश
इंजीनियर विनोद शर्मा ने कहा कि बच्चों को केवल आर्थिक सहायता या मुफ्त राशन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा देना ज्यादा जरूरी है। उनका कहना था कि यदि बच्चे को बेहतर शिक्षा और सही दिशा मिल जाए तो वह भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकता है और देश के विकास में योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा पर किया गया निवेश लंबे समय में समाज और सरकार दोनों के लिए लाभकारी साबित होता है।
जिला प्रशासन के साथ बैठक की मांग
राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने मांग की कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में शहर के बुद्धिजीवी वर्ग के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की जाए। इसमें सरकारी स्कूलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर उनकी व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
वक्ताओं ने कहा कि गाजियाबाद के नागरिक स्वेच्छा से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। बैठक में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ शहर के बढ़ते प्रदूषण और अनियोजित विस्तार पर भी गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता जताई गई।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय सैनिक संस्था के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
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Author: krjnews
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