प्रयागराज : 1 / अक्टूबर / 2026 : इलाहाबाद हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 53 में माननीय न्यायमूर्ति विकास बुधवार के समक्ष सुने गए एक महत्वपूर्ण मामले में युवा अधिवक्ता अभय प्रताप सिंह ने अपनी प्रभावी बहस से न्यायालय को प्रभावित किया।
यह मामला अवमानना याचिका (सिविल) संख्या 6641/2026 बनाम श्री हरीश चंद्र, एसडीएम गभाना, जिला अलीगढ़ से जुड़ा है, जिस पर आदेश दिनांक 22 सितंबर 2026 को सुनवाई हुई। इस मामले में याची अधिवक्ता के रूप में अभय प्रताप सिंह अपने मुवक्किल की ओर से पेश हुए।

अधिवक्ता अभय प्रताप सिंह ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि उनके मुवक्किल द्वारा दाखिल रिट याचिका संख्या 33462/2025 का निस्तारण दिनांक 23.02.2026 को हो चुका है। उक्त आदेश की प्रमाणित प्रति विपक्षी को तामील करा दी गई थी, इसके बावजूद आज तक रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है, जो न्यायालय की अवमानना है।
उनकी तार्किक और तथ्यपरक दलीलों से सहमत होते हुए माननीय उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि “प्रथम दृष्टया विपक्षी को जानबूझकर आदेश की अवहेलना के लिए दंडित करने का मामला बनता है।”
हालांकि न्यायालय ने इस स्तर पर विपक्षी को नोटिस जारी न करते हुए 6 सप्ताह का अंतिम अवसर प्रदान किया है कि वे 23.02.2026 के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि याची दो सप्ताह में रजिस्टर्ड लिफाफा दाखिल करे, कार्यालय एक सप्ताह में विपक्षी को आदेश की प्रति भेजे और विपक्षी एक सप्ताह में अनुपालन की सूचना याची को दे।
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Author: krjnews
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