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गैस सिलेंडर की अवधि को लेकर शहर और गांव में भेदभाव के विरुद्ध भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने उठाए सवाल

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सुनील पाठक गोरखपुर बस्ती मंडल ब्यूरो

सिद्धार्थनगर/ १८ मार्च २०२६ : भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला संरक्षक अरविंद कुमार शुक्ला ने गैस सिलेंडर की उपयोग अवधि के मानकों को लेकर सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा है कि क्या एक गैस सिलेंडर वास्तव में 45 दिनों तक चल सकता है?​शुक्ला जी ने सरकार की दोहरी नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान मानकों में शहर के लिए 25 दिन और गांव के लिए 45 दिन की अवधि तय की जा रही है। उन्होंने सवाल किया:


​क्या एक ही सिलेंडर शहर में 25 दिन और गांव में 45 दिन चलेगा?
​शहर और गांव के उपभोक्ताओं के बीच इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है?​क्या ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों की जरूरतों को कमतर आंका जा रहा है?​उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर गांवों के साथ इस तरह का सौतेला व्यवहार हो रहा है, तो क्या यही सरकार के ‘विकसित भारत’ का असली स्वरूप है? किसान यूनियन ने मांग की है कि सरकार इस विसंगति को दूर करे और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को समझते हुए न्यायसंगत नीतियां बनाए।
​”गांव का किसान और मजदूर भी उसी हक का अधिकारी है जितना शहर का निवासी। हम इस भेदभाव को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।”

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Author: krjnews

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